राजमाता विजयाराजे सिंधिया जी का पूरा जीवन राष्ट्र एवं संगठन को समर्पित रहा। आपातकाल के समय उन्होंने अनेकों प्रताड़नाएं सही और लोकतंत्र को पुनर्स्थापित करने के लिए संघर्ष किया।
संगठन और विचारधारा के लिए उनका योगदान वन्दनीय है।
राजमाता सिंधिया जी की जयंती पर उन्हें शत् शत् नमन।